आज उस तस्वीर को देखकर मैं उन दिनों में चला गया।
चाचा का लड़का बिट्टू और मैं मोटरसाइकिल पर घास लेने के लिए खेत में गए जिसके साथ रेहड़ी लगी हुई थी। उस समय ये मोटरसाइकिल वाली रेहड़ी कम ही हुआ करती थी।
चाचा का लड़का बिट्टू और मैं मोटरसाइकिल पर घास लेने के लिए खेत में गए जिसके साथ रेहड़ी लगी हुई थी। उस समय ये मोटरसाइकिल वाली रेहड़ी कम ही हुआ करती थी।
बिट्टू मोटरसाइकिल चला रहा था, ओर मैं पीछे रेहड़ी पर बैठा था। उस समय हमारे गांव से जो अभी सड़क जाती है बन की तरफ उस समय ये भी शायद कच्चा गोहर था।
क्योंकि जब बिट्टू मोटरसाइकिल चला रहा था तो मैं पीछे रेहड़ी में बैठा था और खड्डों की वजह से मेरा बुरा हाल हो गया था। इसलिए मुझे लगता है कि उस समय वो कच्चा गोहर था, जिसमें गड्ढे थे।
फिर हमने रेहड़ी में बरसीन की गठरियों को रखा और घर की तरफ चल दिए। सर्दियों का मौसम था, तस्वीर में आप देख भी रहे होंगे कि बिट्टू ने कोटी डाली हुई है, मद्धम मद्धम धूप से मौसम सुहावन बना हुआ है।
अगर आपके पास भी ऐसी कोई याद है जो सांझी करना चाहते हैं तो हमारे सांझी कर सकते हैं, हम उसको मेरी जिंदगी के ब्लॉग पर सांझी करेंगे।
मिलते हैं किसी नई याद के साथ।
#merizindagi
#oldmemories
Wah Ji Wah Purani Yaad
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