Wednesday, May 16, 2018
तूफ़ान और बारिश में बाइक पर एक सफर....
तूफ़ान का जैसे अभी एक दौर सा चल रहा था। शनिवार का दिन था। मैंने रविवार को अपने मामा जी के घर फकीरमाजरा जाना था। मैं शाम को 5 बजे अपने दफ्तर जा रहा था। रास्ते में मुझे लगा कि सामने से तूफ़ान आ रहा है। मोहाली में बानी बहुमंजिला इमारतें उस तूफ़ान की धूल में जैसे गुम सी होने लगी थी। वैसे तो ये परेशानी का सबब बनता है, पर मेरे मन में ख़ुशी की लहरें सी उठने लगी। पर मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ऐसा क्यों हो रहा है। तूफ़ान के साथ उड़ती धूल में इमारतें भी दिखाई देनी बंद हो गयी थी। हर तरफ रेत और धूल का साम्राज्य सा फ़ैल गया था।सभी स्कूटर वाले रफ़्तार धीमी करके चल रहे थे। पर मेरा मन ख़ुशी से उछल रहा था। मुझे तेज चलने वाली हवा बहुत अच्छी लगती है। जैसे हवा के साथ ही मैं भी उड़ता जाऊ। जब मैं दफ्तर पहुंचा तो वहां बिजली नहीं थी। बिजली वाले तूफ़ान के आने से पहले ही बिजली कट लगा देते हैं। बिजली ना होने से दफ्तर में काम नहीं हो सकता था। सो मैं दफ्तर से छुट्टी करके आ गया। मैंने सोचा कि इस मौके का क्यों न फायदा उठाया जाये। मैंने फकीरमाजरा जाने का प्रोग्राम बना लिया। मैंने मामा जी के लड़के सुखचैन को व्हाट्सप्प पर मैसेज कर दिया कि मेरा रविवार का प्रोग्राम रद्द हो गया है.... इसलिए मैं आज ही आ रहा हूँ। मैंने कमरे पर जा कर बैग में कपडे डाले और बाइक पर निकल पड़ा। बादल भी पूरे ज़ोर शोर से गरज रहे थे। ऐसा लग रहा था कि शायद बस अभी बरस पड़ेंगे। मैं बाइक ले कर निकल पड़ा। शाम के 5:30 बज रहे थे। अभी थोड़ी दूर ही गया था कि बाइक में पंचर हो गया। मैंने टायर में देखा तो उसमे कील लगी हुई थी। मैंने कील को निकालने की बहुत कोशिश की पर कील नहीं निकली। सामने ही थोड़ी दूर पंचर वाला था। मैं पैदल ही बाइक को उसके पास ले के गया। पंचर वाला टायर खोलने लगा, पर उससे खुल ही नहीं रहा था। ऊपर से बारिश भी आने लगी। मिस्त्री को गुस्सा आ गया, और अपने आप ही बड बड करने लगा कि एक तो ये नट नहीं खुल रहा ऊपर से ये बारिश आ गयी। हमारा तो काम ही ऐसा है, अब करना भी पड़ेगा। मैं चुपचाप सुनता रहा। मुझे लगा कि अगर मैं कुछ बोला तो कहीं मुझे ही ना बोलने लगे। आखिर टायर खुल गया, जब उसने ट्यूब में देखा तो उसमे कईं पंचर थे। जो कील मुझसे नहीं निकल रही थी, वो असल में साइकिल की टूटी हुई तार थी, बहुत लम्बी, जिसने सारी ट्यूब को खराब कर दिया था। उसने कहा कि नई ट्यूब डालनी पड़ेगी, मैंने कहा कि इसमें ही लगा दो पंचर, जितने भी हैं। उसने कहा कि टाइम खराब मत करो, बताओ डालनी है या नहीं। मैंने कहा कि ये तो बड़ा गुस्सा हो रहा है। बारिश भी अपनी रफ़्तार बढ़ाती जा रही थी। फिर वो ट्यूब ले के आया और डाल दी। करीब 1 घंटे बाद बाइक को ठीक किया। अब बारिश भी रुक गयी थी। मैं बाइक ले के अपनी मंजिल की तरफ चल पड़ा। रास्ते में थोड़ी थोड़ी बारिश होती रही। जीरकपुर जा के बारिश बहुत तेज़ हो गयी। मैं लगभग भीग गया था। सोचा कि डेराबस्सी जा के रुक जाऊंगा। पर कहीं भी रुकने की जगह नहीं मिली। चलते चलते मैं बरवाला पार कर गया। एक बार तो सोचा कि अपनी बुआ के घर चला जाऊ बेहड़ में। अब बारिश थोड़ी काम लग रही थी। ऐसे ही मैं रायपुररानी पहुंच गया। पर वहां से आगे बारिश ही नहीं थी बस हवा बहुत तेज़ चल रही थी। रास्ते में सफेदे के पेड़ सड़क को छू छू कर जा रहे थे। लग रहा था कि अभी यहीं ना गिर जाएँ। नारायणगढ़ पार करके साढौरा पहुंच गया। तब तक 8:30 बज चुके थे। तेज़ हवा का एक फायदा तो हुआ कि जो मैं पूरा भीगा हुआ था, हवा ने बिलकुल सुखा दिया था। 9 बजे तक मैं अपनी मंजिल पर पहुंच गया। मैंने संजू को मैसेज किया था कि मैं आ रहा हूँ पर उसने भी वो मैसेज तभी पड़े थे शायद मेरे पहुंचने से थोड़ी देर पहले ही। मेरे आने का किसी को पता ही नहीं था। जब मैं वहां पहुंचा तो वहां भी बिजली नहीं थी। भूख भी बहुत लग रही थी। तभी मामा की बेटी उमा खाना ले कर आ गयी। हमने खाना खाया। तब तक हवा बिलकुल बंद हो गयी थी। इन्वर्टर भी बंद हो गया था। हम बैठे बातें करते रहे। 12 बज चुके थे। नींद भी आ रही थी, पर गर्मी भी बहुत थी। हमने छत पर चारपाई डाली और सोने की कोशिश की। काफी देर मच्छरों ने सोने ही नहीं दिया, फिर पता नहीं किस समय आयी होगी नींद, जब आँख खुली तो सुबह हो चुकी थी।
Monday, May 7, 2018
सावधान ! तूफ़ान आने वाला है।
अभी कुछ दिन पहले ही एक तूफ़ान आया था, जिसने बहुत ज्यादा नुकसान किया। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, और मध्य प्रदेश में कई लोगों के मारे जाने कि खबरें आयी थी।
आज कल तूफ़ान के बारे में चर्चाएं बड़ी ज़ोरों पर हैं। मौसम विभाग ने कल यानि कि 6 मई 2018 को चेतावनी जारी की कि अगले दो दिनों में भारी तूफ़ान आने वाला है। हरियाणा सरकार ने तो सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 2 दिन की छुट्टी भी कर दी। सब तरफ बस यही चर्चा छिड़ी हुई है कि तूफ़ान आने वाला है। बच्चे अलग से ख़ुशी मना रहे कि चलो स्कूल की छुट्टी तो हुई। कोई भी मिलता बस यही चर्चा थी सबके मुंह पर कि तूफान कब आएगा। व्हाट्सप्प और फेसबुक वाले भी तैयार थे अपने अपने हथियार लेकर। वैसे 7 मई का दिन पूरा निकल गया पर कहीं भी तूफ़ान के आने की सूचना नहीं मिली। व्हाट्सप्प वाले वीडियो डाल कर सूचित करके अपने फ़र्ज़ निभा रहे थे कि तूफ़ान यहां पहुंच गया है, तूफ़ान वहां पहुंच गया है। तूफ़ान के आने से कितना नुकसान होता है, शायद ही किसी के दिमाग में हो। सबने बेचारे तूफ़ान को एक मजाक बना कर रख दिया। सभी व्हाट्सप्प पर, फेसबुक पर फोटो डाल रहें हैं, आ गया तूफ़ान, आ गया तूफ़ान। सभी के कमैंट्स और पोस्ट्स इतनी मज़ेदार लग रही थी, कि कोई हसे बिना न रह पाए। कई लोगों ने जो वीडियो भेजी कि जैसलमेर में पहुंच गया तूफ़ान, राजस्थान से तूफ़ान शुरू। असल में वो वीडियो कुवैत की थी। उनमे से ही कुछ पोस्ट या मैसेज लोगों ने व्हाट्सअप पर डाले हैं, आप भी पढ़ो।:::
एक शख्स ने अपने हरियाणा की तारीफ करते हुए लिखा है :
U.p Bihar मै लोग मन्दिरा मै बेठे है कि तूफ़ान ना आवे
हर Haryana आले छात पे खड़े है कि क़द आवेगा
हर कोई तूफ़ान के आने से इतने उत्साहित हैं कि उन्होंने इस तरह के मैसेज बना कर डाल दिए। जैसे :
#इतनी बाट तो ब्याह मैं भातियाँ की कोनया होती ।।
#जितनी आज हरियाणा वालों ने 2 दिन की छुट्टी कराण आले तूफान की होरी सै।।
एक शख्स ने कमेंट करते हुए लिखा है:
अभी अभी तूफान पंजाब से हरियाणा की और बढ रहा है और हरियाणा पंजाब बार्डर पर हरियाणा वालों ने टोल टैक्स पर रोक रखा है
कह रहे है पर्ची कटैगी
नहीं तो लट्ठ बाजेंगे
कोई भी कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता मज़े लेने का, अब सभी बेचारे तूफ़ान के ही मज़े लेने लगे।
तूफान ना आया तो तगड़ी बेइज्जती होजागी मौसम विभाग की। इब तै तूफान के हाथ मैं सै इज्जत बचाणी।
किसी ने रेत की आंधी की वीडियो पोस्ट करके लिखा है कि :
तूफ़ान जैसेलमेर से निकल चुका है । 130-150 km की रफ़्तार से आगे भाड़ रहा है । दिल्ली ncr में 1-2 बजे तक आने की सम्भावना ।
पूरा दिन तूफ़ान का इंतज़ार करते हुए निकल दिया, जब शाम तक तूफ़ान नहीं आया तो निराश मन से किसी ने पोस्ट किया कि : मन सा मार का खालो रोटी अब नी आता तुफान तफून।
एक ने लड़कियों पर कमेंट करते हुए लिखा है कि :
पतली पतली छोरियों त निवेदन है
आज आँधी आने की सम्भावना है
घर त बहार मत निकलना
कदे फ्री म चंडीगढ़ घूम आओ
हर कोई फ़ोन पर रिश्तेदारों से, जानकारों से दोस्तों से तूफ़ान के बारे में जानकारियाँ ले रहे हैं कि कहीं हम ही न वंचित रह जाएँ तूफ़ान का आनंद लेने से।
अभी अभी पोस्ट पोस्ट लिखते लिखते ही एक नई पोस्ट आ गयी:
तूफान का इंतजार ना करें.. बीवी के साथ बाहर डिनर का प्रोग्राम बनाएं... बीवी के तैयार होने के बाद केंसिल कर दें...
तुफान अपने आप आ जायेगा... हहहहा
और तो और, एक शख्स ने ऑडियो भी रिकॉर्ड कर दिया तूफ़ान से बातचीत का..
अरे भाई तूफ़ान बोलरया?
हां भाई तूफ़ान बोलरया?
अरे तूने आना था आज, आया नई?
बस नहा धो के तैयार हो लिया , आधे घंटे में पहुँचर्या।
एक और रिकॉर्डिंग आयी :
अरे भाई तूफ़ान कद के बाट देख रे तेरी, आजा ईब, आंखांभी दुखन लग्गी देखदे देखदे की,
तूफ़ान : कीकर आयी यार, साइकिल की तीन बार तो चेन उतरगी. देर लग जा गई आने माँ।
अभी अभी एक होर रिकॉर्डिंग मेरे पास आयी :
हेलो भाई तूफ़ान बोलरया?
ना भाई, मैं तूफ़ान की बहिन आंधी बोलरी।
तूफ़ान कहां?
वो तो राजस्थान की तरफ गया हुआ है।
और उसने हरियाणा में आना था, यहां स्कूल की 2 दिन की छुट्टी करवा राखी उसने, यहां कब आएगा?
भाई कल तक तो आ जायेगा, वो नहीं आया तो मैं तो आ ही जाउंगी। आप अपना भूस ढो लेना, कल तक आ जायेगा।
कई लोगों ने पिछले तूफ़ान कि फोटो भी डाली :
हहहा, बाकि जब तूफ़ान आ गया तो आगे की अपडेट भी देते रहेंगे आपको..
जब तूफ़ान आएगा, पता नहीं क्या हालत होंगे, पर अभी तो सभी उत्सुक हैं तूफ़ान का स्वागत करने के लिए।
और हां, एक बात और, तूफ़ान से अपने आप को बचा के रखना।
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