कहते हैं समय बहुत बलवान होता है। समय कभी एक सा नहीं रहता। समय के गुजरने के साथ साथ सब कुछ बदल जाता है। ज़िंदगी में कुछ यादें ऐसी होती हैं जिन्हें कभी नहीं भुलाया जा सकता। कई बार लगता है कि लोगों के द्वारा कही गयी ये बातें सिर्फ पढ़ने सुनने में ही अच्छी लगती हैं। असल जीवन में इनका कोई मोल नहीं है। ज़िंदगी की यादें जो समय के साथ धुंधली होती जाती हैं। लेकिन उन यादों में बसने वाले मीठे पल जो समय के साथ कड़वे से महसूस होने लगते हैं, जिन पलों को बार बार याद करने से उनकी कड़वाहट भी फीकी लगने लगती है। उन पलों के बिना जीवन में मिठास नहीं रह जाती। जिंदगी में गुजरे हुए वो पल कभी भुलाये नहीं जा सकते। समय के साथ भी जब भी कभी उन पलों को हमें याद करने का कोई जरिया मिले, या किसी ना किसी बहाने से उन पलों को दोबारा छूने का अहसास हो, उन पलों को भला कोई कैसे भुला सकता है। लाख कोशिश करने से भी उन पलों को अनछुआ नहीं किया जा सकता।
जिंदगी में हम किसी से जितना भी दूर जाने की कोशिश करें, समय ही हमें उनके करीब ला ही देता है। जिस पलों को भूलना हो, उन्हें याद करके ही उन्हें भूलने की कोशिश की जाती है। जिंदगी में दर्द सिर्फ चोट लगने से महसूस नहीं होता, कुछ अंदरूनी चोटें जो बिना खून खराबे के होती हैं उनका दर्द असहनीय होता है। उन चोटों का इलाज समय करता है और समय ही उन चोटों को हरा कर देता है। तो सिर्फ समय के भरोसे कैसे बैठे रहें। ये दर्द तो जिंदगी में एक तोहफा है जो हमें किसी खास की तरफ से दिया जाता है। इस तोहफे को ख़ास तोहफा समझकर रखना चाहिए न कि उस तोहफे को भूलने की कोशिश करनी चाहिए। जिंदगी में यही एक वह तोहफा है जो जिंदगी भर याद रहता है, बाकि तोहफे तो समय के साथ धुंदले पड़ जाते है। मेरा मानना है की इस तोहफे में मिले दर्द को भी वैसे ही जीना चाहिए जैसे हम जिंदगी के सुखों को जीते हैं और हमेशा याद रखते हैं। ये मेरे निजी विचार हैं, इनके साथ किसी का सहमत होना ज़रूरी नहीं है।

