Sunday, May 10, 2020

मां दिवस पर विशेष... एक मां ही है जो हमें दुख में नहीं देख सकती

आज सुबह से ही में फेसबुक पर मां दिवस से सबंधित पोस्ट देख रहा था। सभी अपने अपने तरीके से मां को सलाम कर रहे थे। मां को याद कर रहे थे। उन सबके साथ मैंने भी अपनी मां की पोस्ट को फेसबुक पर शेयर किया। आज मां दिवस के रूप में मनाया जाने वाला ये दिन सोशल मीडिया पर मां के नाम होता है। सुबह से ही फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर सभी सोशल साइट्स पर लोगों ने अपनी मंटके साथ फोटोज, यादें ताजा की हैं। टिक टोक पर तो मां के गाने चल रहे हैं। 


एक मां ही है को अपने बच्चों को दर्द में नहीं देख सकती। जब हम छोटे थे तो मां से हुई पिटाई से लगता था कि उनसे बड़ी दुश्मन कोई नहीं है। वो क्यों हमें स्कूल भेजती हैं। पर अब जब हम बड़े हो चुके हैं तो पर लगा कि मां की को पिटाई हमारे भविष्य को उज्जवल करने वाली थी। मां की डांट हमें गलत रास्ते पर चलने से रोकने वाली थी। ये वो ही मां थी जो मुझे जख्मी हालात में शिखर दोपहर की कड़कती धूप में अपनी गोद में उठाकर चार किलोमीटर पैदल डॉक्टर के पास लेकर गई थी। इतना दर्द कौन सहन कर सकता है। स्कूल में के जाने के लिए मुझे नाली में से भी घसीटती हुई ले गई। वह घटना मुझे आभास कराती है कि अगर स्कूल नहीं जाएंगे, तो दुनिया के आगे मजबूर हो जाएंगे। स्कूल में जाना चाहिए चाहे नाली में से होकर है क्यों ना जाना पड़े। 

एक बार मैं अपनी चप्पल निकालने के लिए गहरे जोहड़ में उतर गया। उसके बाद को पिटाई हुई थी वो उस मां की अपने बेटे के लिए एक चिंता थी। इन सब बातों का अहसास हमें तब हुआ जब हम खुद माता पिता बने। 
अपने हिस्से का बचाकर अपने बच्चों को खिलाने से खुद की भूख भी मिट सकती है, ये हमने अब जाना। 
मेरी मां हमें अपने साथ खेत में काम करने को बोलती थी, जो हमें अच्छा नहीं लगता था। पर अब अहसास हुए कि उनका ये कदम हमें आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाना था।  उनका अपने बच्चों को डांटने का अधिकार हमेशा रहता है। 
आज मेरे एक दोस्त ने फेसबुक पर एक पोस्ट डाली, जिसमे लिखा था कि आज उस व्यक्ति ने भी अपनी मां को नमन किया है, फेसबुक पर मां की फोटो डाल कर मां दिवस की शुभकानाएं दे रहे हैं। चलो किसी ना किसी बहाने ही सही, अपनी मां को याद तो किया। हमें शुक्र मनाना चाहिए कि हमें डांटने के लिए हमारे मां बाप हमारे साथ हैं

 भगवान उनकी उम्र लंबी करे और उनका अपने बच्चों को डांटने का अधिकार हमेशा बना रहे। आमीन!!

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