आजकल कुत्तों के बारे में भी बहुत सारी ख़बरें ऐसी सुनने को मिल रही हैं, जिसको सुन कर और उनकी वीडियो देख कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। कुत्तों को अक्सर वफादारी की मिसाल के लिए याद किया जाता है। आजकल बहुत ज्यादा ऐसी ख़बरें आ रही हैं। कई दिन पहले फेसबुक पर एक वीडियो देखी थी कि एक कुत्ते ने एक आदमी को नोच नोच कर मार डाला। लोगों ने लाठी लेकर छुड़वाया, पर माँ के बच्चे ने उसे नहीं छोड़ा। डरता ही नहीं है। आज ही मैंने एक खबर पढ़ी, जिसमे लिखा था कि कुत्तों ने शेर को घेर लिया। एक ने तो इसकी वीडियो भी डाली हुई थी । एक कुत्ते ने सड़क पर दूसरे कुत्ते को जो एक बार पकड़ा, बस फिर कितना ही ज़ोर लगा लिया लोगों ने उसे छुड़वाने के लिए, पर माई के लाल ने उसे नहीं छोड़ा। हम छोटे थे। तब बेगाने कुत्तों से डर लगता था। हमने भी दो कुत्ते पाले हुए थे, धर्मेंदर और जितेंदर। बहुत अच्छे थे वो, कभी किसी को बिना वजह नहीं डराया। हमारे गांव के पास सड़क पर दूसरे गाँव के लोगों ने डेरे बनाये हुए हैं। उन्होंने कुत्ते पाले हुए थे। मुझे याद है, जब हम खेत में घास लेने जाते थे, या कोई किसी काम से दूसरे गांव या उस सड़क से गुजरना होता था। बड़ी मुश्किल से उन डेरों को पार करते थे। कहीं से कुत्ते के भोंकने की आवाज़ भी आ जाये , या तो वापस मुड़ आते थे, या दूसरे खेतों में से हो के गुज़रना पड़ता था। वो कुत्ते बहुत बड़े बड़े थे। काले रंग के दो या तीन कुत्ते थे। थोड़ी थोड़ी दूर उनके दो डेरे थे। अगर पहला डेरा पार कर लिया, फिर दूसरा डेरा पार करना ही पडता था, नहीं तो पिछले डेरे से किसी भी समय आ के काट सकते थे। एक बार हमारे ही सामने उन कुत्तों ने एक साइकल वाले को पकड़ लिया। उसके कपडे तक फाड़ डाले। बड़ी मुश्किल से बच कर निकला वो बेचारा। जब साइकल वाले को नहीं छोड़ा , फिर हम तो पैदल होते थे। मोटरसाइकिल वाले भी बच बच के निकलते थे। कई बार तो वो कार के पीछे भी बहुत दूर तक दौड़ लगाते थे। पर वो उनके वश से बाहर थी, सो वो बच जाते थे। ऐसे भी खतरनाक होते हैं ये कुत्ते। और दूसरी तरफ ऐसे कुत्ते भी होते हैं, जब ज़रूरत हो, तब नहीं भोंकते। कुछ महीने पहले चोर हमारी दो भैंसों को चोरी करके ले गए। गली में इतने कुत्ते घूमते हैं। पर मजाल जो कोई भोंक भी पाया हो। कई कहते हैं कि चोर पहले कुत्ते को कुछ सुंघा देते हैं, जिससे वो भोंके ना। अब ये तो वो कुत्ता ही जाने या फिर वो चोर , जो कुछ सुंघाता है। आजकल हमारी गली में एक कुत्ता रहने लगा है। पता नहीं कुत्ता है या कुतिया। नाम जिम्मी है शायद, इसलिए कुतिया ही होगी। वो रखवाली तो क्या करेंगे, अभी तो परेशान ही करके रखते हैं।
Tuesday, June 5, 2018
कुत्ते लगे शेर घेरने
आजकल कुत्तों के बारे में भी बहुत सारी ख़बरें ऐसी सुनने को मिल रही हैं, जिसको सुन कर और उनकी वीडियो देख कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। कुत्तों को अक्सर वफादारी की मिसाल के लिए याद किया जाता है। आजकल बहुत ज्यादा ऐसी ख़बरें आ रही हैं। कई दिन पहले फेसबुक पर एक वीडियो देखी थी कि एक कुत्ते ने एक आदमी को नोच नोच कर मार डाला। लोगों ने लाठी लेकर छुड़वाया, पर माँ के बच्चे ने उसे नहीं छोड़ा। डरता ही नहीं है। आज ही मैंने एक खबर पढ़ी, जिसमे लिखा था कि कुत्तों ने शेर को घेर लिया। एक ने तो इसकी वीडियो भी डाली हुई थी । एक कुत्ते ने सड़क पर दूसरे कुत्ते को जो एक बार पकड़ा, बस फिर कितना ही ज़ोर लगा लिया लोगों ने उसे छुड़वाने के लिए, पर माई के लाल ने उसे नहीं छोड़ा। हम छोटे थे। तब बेगाने कुत्तों से डर लगता था। हमने भी दो कुत्ते पाले हुए थे, धर्मेंदर और जितेंदर। बहुत अच्छे थे वो, कभी किसी को बिना वजह नहीं डराया। हमारे गांव के पास सड़क पर दूसरे गाँव के लोगों ने डेरे बनाये हुए हैं। उन्होंने कुत्ते पाले हुए थे। मुझे याद है, जब हम खेत में घास लेने जाते थे, या कोई किसी काम से दूसरे गांव या उस सड़क से गुजरना होता था। बड़ी मुश्किल से उन डेरों को पार करते थे। कहीं से कुत्ते के भोंकने की आवाज़ भी आ जाये , या तो वापस मुड़ आते थे, या दूसरे खेतों में से हो के गुज़रना पड़ता था। वो कुत्ते बहुत बड़े बड़े थे। काले रंग के दो या तीन कुत्ते थे। थोड़ी थोड़ी दूर उनके दो डेरे थे। अगर पहला डेरा पार कर लिया, फिर दूसरा डेरा पार करना ही पडता था, नहीं तो पिछले डेरे से किसी भी समय आ के काट सकते थे। एक बार हमारे ही सामने उन कुत्तों ने एक साइकल वाले को पकड़ लिया। उसके कपडे तक फाड़ डाले। बड़ी मुश्किल से बच कर निकला वो बेचारा। जब साइकल वाले को नहीं छोड़ा , फिर हम तो पैदल होते थे। मोटरसाइकिल वाले भी बच बच के निकलते थे। कई बार तो वो कार के पीछे भी बहुत दूर तक दौड़ लगाते थे। पर वो उनके वश से बाहर थी, सो वो बच जाते थे। ऐसे भी खतरनाक होते हैं ये कुत्ते। और दूसरी तरफ ऐसे कुत्ते भी होते हैं, जब ज़रूरत हो, तब नहीं भोंकते। कुछ महीने पहले चोर हमारी दो भैंसों को चोरी करके ले गए। गली में इतने कुत्ते घूमते हैं। पर मजाल जो कोई भोंक भी पाया हो। कई कहते हैं कि चोर पहले कुत्ते को कुछ सुंघा देते हैं, जिससे वो भोंके ना। अब ये तो वो कुत्ता ही जाने या फिर वो चोर , जो कुछ सुंघाता है। आजकल हमारी गली में एक कुत्ता रहने लगा है। पता नहीं कुत्ता है या कुतिया। नाम जिम्मी है शायद, इसलिए कुतिया ही होगी। वो रखवाली तो क्या करेंगे, अभी तो परेशान ही करके रखते हैं।
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