आज किसी के घर में कोई मेहमान आ जाये तो मुश्किल से ही एक रात लगाता है। वो भी अगर बस में आया हो तो। अपनी गाडी में या बाइक पर आया तो ज्यादा से ज्यादा सुबह को आकर शाम को वापस चला जाता है। पहले मेहमान के आने का पता तभी चलता था जब वो आ कर दरवाजे पर खड़ा हो जाता था। आज तो घर से चलने से पहले फ़ोन कर देते हैं। पता लगता रहता है कि अब कहां पहुंच गया, अब 10 मिनट तक पहुंच जायेगा। पहले किसी मेहमान को दरवाजे पर देख कर एकदम से कितनी ख़ुशी मिलती थी।
मेहमान भी 3 -4 दिन आराम से लगा देता था। दिन में काम कर के सभी मेहमान के पास इकठे हो जाते थे। आंगन में चार पांच चारपाई डाल देते थे। सबके आँगन खुले होते थे। आज तो सबके घरों में दीवारें हो गयी हैं। पहले एक आंगन में बैठा मेहमान सभी को मिल लेता था, पर आज दिवार पार दूसरे घर में जाना ज़रूरी होता है। अगर न जाएँ तो गुस्सा हो जाते हैं, कि हमारे घर नहीं आना चाहते। जिस जिस को खबर मिलती कि फलाने के घर मेहमान आया है, वो अपना काम निपटा कर मेहमान के पास आ जाता था। पहले सबके मेहमान सांझे होते थे।
आज किसी के पास टाइम ही नहीं हैं। पड़ोस में भी पता नहीं लगता कि किसी के घर कोई मेहमान कब आया और कब चला गया। एक बार हमारे घर एक मेहमान आये, वो बज़ुर्ग थे। उनका नाम बाबू था। हमारे ताया जी, बापू जी, चाचा जी, सभी उनके पास बैठे थे। मैं उनके पीछे खड़ा चाय पी रहा था। अचानक उस मेहमान को लगा कि शायद मेरे लिए चाय ले के आया है। उसने हाथ आगे कर दिया, कि ला दे चाय। मैं झिझक रहा था चाय देने में। क्यूंकि वो चाय मेरी थी, और झूठी भी हो गयी थी। तभी ताया जी भी कहने लगे कि जब चाय ले के आया है तो दे दे। मैंने चाय दे दी।
सब देख रहे थे, पर कोई कुछ नहीं बोला। मुझे लगा कि मेरी चाय ले के पी ली। पर उस समय कुछ नहीं कह सका। बाद में मैने ताया जी को बताया कि वो चाय मेरी झूठी थी। आप ने उसे पिला दी।ताया जी ने कहा कि चलो कोई बात नहीं, पर अब उसको मत बोलना। अब भी कई बार वो पुरानी बातें शुरू हो जाती हैं, तो ये झूठी चाय वाली बात भी ज़रूर होती है। अब तो वो मेहमान (बाबू) भगवन को प्यारा हो गया है। आज कल के मेहमान ज्यादा टिकते भी नहीं हैं। सुबह आये, शाम को वापस चले जाते हैं। घर में अब मेहमान वाली ख़ुशी भी नहीं रही। किसी मेहमान आने से वो ख़ुशी महसूस ही नहीं होती जो एकदम दरवाजे पर दिखने वाले मेहमान से होती थी। काश वो ज़माना फिर से आ जाये, और हम वो ज़िंदगी फिर से शुरू कर सकें।
No comments:
Post a Comment