Sunday, March 18, 2018

मार खाने के बाद तो नहीं रोया, पर ....


प्राइवेट स्कूल से आठवीं पास करके मैंने नौवीं क्लास में दाखला ले लिया था। सरकारी स्कूल 10 वीं तक था। नौवीं क्लास में सब नए नए चेहरे थे। हमारे स्कूल से आठवीं क्लास में मैं या एक दो और पास हुए थे। इसलिए सभी मेरे लिए नए थे। जब क्लास शुरू हुई तो मास्टर ने पूछा की आुपकी क्लास से कौन कौन पास हुए हैं। मैंने कह दिया की सब पास हुए हैं, एक दो फेल हुए हैं। तब तो कुछ नहीं हुआ, मास्टर जब चला गया तभी सौंटी के एक लड़के ने आकर मेरी बाजु मरोड़ कर खा की झूठ क्यों बोला की सभी पास हुए हैं। मैं कुछ नहीं बोला। मैं वैसे भी बहुत कम ही बोलता था, शर्माता ज्यादा था। तभी एक लड़की ने मुझे छुड़वाया कि फिर क्या हुआ, तू मारेगा उसे।  मुझे बहुत बुरा लग रहा था। स्कूल में मैं सबसे दूर ही रहना चाहता था। मुझे दर लगता था कि कहीं मुझसे कोई गलती न हो जाये। एक दिन हम सब स्कूल के आँगन में बैठे पढ़ रहे थे। सब थोड़ी थोड़ी दूर बैठे थे। पी टी मास्टर कुर्सी ले के बीच में बैठा था। तभी कुछ लड़के है रहे थे। मास्टर ने कहा कि कौन है जो है रहा है। कोई नहीं बोला, सब चुप हो गए। लेकिन वो कहां मैंने वाला था। उसने मुझे उठा लिया, बोला कि तू झूठ नहीं बोलेगा, है।तू बता कि कौन था जो शोर कर रहा था। मुझे पता था, पर मैं नहीं चाहता था कि किसी कि पिटाई कि वजह मैं ना बनूँ। पी टी मास्टर बहुत सख्त था, बहुत लम्बा चौड़ा कद था उसका, देखते ही मन में डर सा बैठ जाता था। मैंने कुछ नहीं कहा। फिर उसने मुझसे छड़ी मंगवाई और मेरे हाथों पर मारने लगा। मैं चुप रहा, फिर कहता कि एक तो बता नहीं रहा, और ऊपर से हस रहा है। उसने मुझे और जोर से मारना शुरू कर दिया। सभी मास्टर हमारी तरफ देखने लगे। काफी देर मारने के बाद हमें क्लास में भेज दिया। अब अगली घंटी अंग्रेजी कि थी। अंग्रेजी वाला मास्टर क्लास में आया। सबसे पहले उन्होंने मुझे बुलाया और पूछा कि क्या हुआ था वो मास्टर क्यों मार रहा था। मैंने सारी बात बता दी। तब उसने मुझसे कहा कि तू बता देता कि कौन शोर रहा था। उनकी वजह से खुद मार खा ली। तभी मेरी आँखों में आंसू आ गए। इतनी मार खाने के बाद भी मेरी आँखों  में आंसू नहीं आये थे। पर अंग्रेजी वाले मास्टर के पूछने से ही मेरी आखें भर आयी थी। क्यूंकि वो पर से पूछ रहे थे। मुझे ये घटना आज भी याद आती है। कि पल होते हैं जिनको कभी भुलाया नहीं जा सकता।

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